Certification Marks Issued for different products in India

Certification-Marks-Indian-Trends

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क्या आपने विभिन्न वस्तुओं और उत्पादों पर प्रमाणीकरण के निशान (Certification Marks) देखे हैं ? क्या आप जानते हैं कि ये क्या हैं? ये भारत के सभी नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं। उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराने के लिए, सरकार ने बाजार में बिकने वाले लगभग सभी उत्पादों के लिए मानक तय किए हैं। उत्पाद पर चिह्नित प्रमाणीकरण का निशान ये दर्शाता है कि निर्माता ने उत्पाद का परीक्षण किया है और यह दिए गए गुणवत्ता मानक को पूरा करता है।

इनमें से कुछ प्रमाणन चिह्न (Certification Marks) अनिवार्य हैं और कुछ को परामर्श के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है| ये प्रमाणीकरण चिह्न वस्तु की प्रकृति या उत्पत्ति को प्रमाणित करते हैं|

ये मानक इलेक्ट्रिक उत्पादों के लिए ISI, कृषि उत्पादों के लिए AGMARK, सोने के आभूषणों के लिए BIS और सभी प्रसंस्कृत फलों के उत्पादों के लिए FPO मार्क हैं। बाजार में आपके द्वारा खरीदे जाने वाले अधिकांश उत्पाद इन्हीं प्रमाणन चिन्हों के साथ आते हैं | ये चिन्ह पैक किए गए उत्पाद की गुणवत्ता की गारंटी देता है।

इस लेख के द्वारा उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए हम कुछ सबसे आवश्यक प्रमाणन चिह्नों की व्याख्या करेंगे। 

1. ISI Mark (Indian Standards Institution)

ISI-Mark-Certification-Marks
Expansion:			Indian Standards Institution
Standards organization: Bureau of Indian Standards (formerly Indian Standards Institution)
Effective since: 1955
Product category: Industrial products
Legal status: Mandatory for 90 products, advisory for others
Website: https://bis.gov.in/

भारतीय मानक संस्थान Indian Standards Institution (ISI)  को अब भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नाम से जाना जाता है| BIS द्वारा संचालित उत्पाद प्रमाणन योजना के तहत ISI मार्क भारत में औद्योगिक उत्पादों के लिए एक प्रमाणीकरण चिह्न है। यह चिह्न सुनिश्चित करता है कि उत्पाद बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा उल्लिखित भारतीय मानकों की पुष्टि करता है। यह हर उत्पाद की गुणवत्ता और मानक की जाँच करता है और उन्हें प्रमाणन चिह्न (Certification Mark) प्रदान करता है।

आईएसआई मार्क केवल उत्पादों पर लागू होता है। उत्पाद पर स्थित आईएस नंबर भारतीय मानकों को दर्शाता है, जिसके लिए उत्पाद अनुरूप है। हर उत्पाद में एक विशिष्ट आईएस नंबर जुड़ा होता है। उदाहरण के लिए दो पहिया वाहन चलाते समय पहने जाने वाले प्रामाणिक हेलमेट के लिए IS code : IS 4151, थर्मामीटर के लिए IS Code : IS 3055, पोर्टलैंड सीमेंट का IS Code : IS 269, घरेलू केबल IS 694 है। इस लाइसेंस संख्या के प्रमाणीकरण की जाँच भारतीय मानक ब्यूरो की वेबसाइट पर की जा सकती है।

प्रत्येक उत्पाद का एक मानक तय है और अगर कोई उत्पाद मानक की सभी आवश्यकताओं के अनुरूप होता है तब ही उत्पाद पर आईएसआई मार्क का उपयोग किया जा सकता है। आईएसआई मार्क का इस्तेमाल  केवल निर्माता कर सकते हैं किसी तरह की सेवा प्रदाता को आईएसआई मार्क नहीं मिल सकता है।

बाजार में नकली आईएसआई के निशान के साथ बहुत से उत्पादों की भरमार हैं। वे वास्तव में प्रमाणित किए बिना उत्पाद पर ISI निशान का उपयोग करते हैं। इसलिए वस्तु खरीदते समय सावधान रहें नकली ISI निशान के साथ अनिवार्य 7 अंकों की लाइसेंस संख्या नहीं होगी।

2. AGMARK

AGMARK-Certification-Marks
Certifying agency:	Directorate of Marketing and Inspection, Government of India
Effective since: 1937, 1986 (amended)
Product category: Agricultural products
Legal status: Advisory
WebSite: https://dmi.gov.in/

AGMARK का पूर्ण रूप Agriculture Mark है। AGMARK भारत के कृषि उत्पाद अधिनियम, 1973 के तहत सभी कृषि उत्पादों पर नियोजित एक प्रमाणीकरण चिह्न है, जिसमें आश्वासन दिया गया है कि वे विपणन एवं निरिक्षण निदेशालय (Directorate of Marketing and Inspection) द्वारा अनुमोदित मानकों के एक समूह के अनुरूप हैं ।

फरीदाबाद (हरियाणा) में AGMARK हेड ऑफिस को कृषि उपज (ग्रेडिंग और मार्किंग) अधिनियम 1937 (और 1986 में संशोधित) द्वारा भारत में कानूनी रूप से लागू किया गया है। वर्तमान AGMARK मानकों में 222 विभिन्न वस्तुओं के लिए गुणवत्ता दिशानिर्देश शामिल हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार की दालें, अनाज, आवश्यक तेल, वनस्पति तेल, फल और सब्जियां और अर्ध-प्रसंस्कृत (semi-processed) उत्पाद जैसे सेंवई (vermicelli) शामिल हैं।

AGMARK प्रमाणन को देश भर में स्थित पूरी तरह से स्वामित्व वाली AGMARK प्रयोगशालाओं के माध्यम से नियोजित किया जाता है । नागपुर में केंद्रीय AGMARK प्रयोगशाला (CAL) के अलावा, 11 नोडल शहरों (मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर, कोच्चि, गुंटूर, अमृतसर, जयपुर, राजकोट, भोपाल) में क्षेत्रीय AGMARK प्रयोगशालाएँ (RAL) हैं।

3. BIS Hallmark:

BIS-Hallmark-Certification-Marks
Standards organization:		Bureau of Indian Standards
Certifying agency: Accredited 'Assaying & Hallmarking Centres'
Effective since: 2000 for Gold jewellery, 2005 for Silver jewellery
Product category: Gold jewellery, Silver jewellery
Legal status: Not yet Mandatory
Website: https://bis.gov.in/

 

भारत सोने और उसके आभूषणों के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार है,  इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे जाने वाले सोने और चांदी पर एक सत्यापित चिह्न (Certification Mark) होना चाहिए।

बीआईएस हॉलमार्क भारत में सोने और चांदी के आभूषण जैसी कीमती धातु की बिक्री के लिए एक हॉलमार्किंग प्रणाली है जो धातु की शुद्धता को प्रमाणित करती है। यह सत्यापित करता है कि आभूषण भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप है।

23 कैरेट सोने के लिए, आप गहने पर 958 नंबर की मुहर लगा सकते हैं।

22 कैरेट 916 के लिए

21 कैरेट 875 के लिए

18 कैरेट के लिए 750

17 कैरेट 708 के लिए

14 कैरेट के लिए 585

9 कैरेट 375 के लिए

*24 कैरेट को तरल सोना कहा जाता है इसलिए उसके लिए कोई नंबर तय नहीं किया गया |

4. FPO (Fruit products order)

FPO-Mark-Certification-Marks
Expansion:		Fruit products order
Certifying agency: Ministry of Food Processing Industries (India)
Effective since: 1955
Product category: Processed fruit products
Legal status: Mandatory since 2006
Website: https://mofpi.nic.in/

FPO मार्क भारत में बेचे जाने वाले सभी प्रसंस्कृत (Processed) फलों के उत्पादों जैसे कि पैक किए गए फलों के पेय पदार्थ, फल-जैम, क्रश और स्क्वैश, अचार, निर्जलित फलों के उत्पाद और फलों के अर्क पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 (Food Safety and Standards Act of 2006) का पालन करने के लिए अनिवार्य है। FPO मार्क गारंटी देता है कि उत्पाद एक स्वच्छ ‘खाद्य-सुरक्षित’ वातावरण में निर्मित किया गया है, और इस्तेमाल के लिए सही है।

फ्रूट प्रोडक्ट्स ऑर्डर (Fruit Products Order) के कानून द्वारा मानकों को 1955 से लागू किया गया है, जिससे FPO मार्क का नाम रखा गया है, लेकिन 2006 के फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (Food Safety and Standards Act) के बाद ही मार्क को एक अनिवार्य दर्जा मिला है। भारत में फल प्रसंस्करण उद्योग शुरू करने के लिए FPO लाइसेंस आवश्यक है। भारत सरकार का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (Ministry of Food Processing Industries (India)) इस उद्देश्य के लिए मानक विकसित करता है और मानक चिह्न जारी करता है।

5. IOC (India Organic Certification)

India-Organic-Certification-Marks
Certifying agency:		APEDA
Effective since: 2002
Product category: Organic food
Legal status: Advisory
Website: https://apeda.gov.in/apedawebsite/

इंडिया ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन (IOC) भारत में निर्मित ऑर्गेनिक रूप से खेती वाले खाद्य उत्पादों के लिए प्रमाणन चिह्न है जो यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद या उत्पाद में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों या प्रेरित हार्मोन के उपयोग के बिना जैविक खेती के माध्यम से उगाया गया था । प्रमाणन चिह्न (Certification Mark) यह प्रमाणित करता है जैविक खाद्य उत्पाद राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।

“इंडिया ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन” (India Organic Certification) को जैविक उत्पादन के राष्ट्रीय मानकों (NSOP) के अनुपालन के आधार पर दिया जाता है | यह सर्टिफिकेशन Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (APEDA) द्वारा मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्रों द्वारा जारी किया जाता है।

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