भारत : संक्षिप्त विवरण

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आकृति, स्थिति एवं विस्तार

एक चतुष्कोणीय आकृति वाला देश भारत अक्षांश की दृष्टि से उत्तरी गोलार्द्ध का देश है तथा देशान्तर की दृष्टि से पूर्वी गोलार्द्ध के मध्य में है। 6°4′ से 37°6′ उत्तरी गोलार्द्ध तथा 68°7′ से 97°25′ पूर्वी देशान्तर के बीच स्थित भारत का विस्तार उत्तर-दक्षिण दिशा में 3214 कि. मी. है तथा पूर्व-पश्चिम दिशा में 2933 कि. मी.  है ।

देश का मानक समय 82°30′  पूर्वी देशान्तर है जो नैनी (इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश) से गुजरता है। यह ग्रीनविच समय से 5 घण्टे 30 मिनट आगे है। भारतीय मानक समय रेखा से गुजरने वाले राज्य उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं आन्ध्र प्रदेश हैं।

क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से सम्पूर्ण विश्व के 2.42% क्षेत्रफल (32,87,263 वर्ग कि. मी.) के साथ भारत विश्व का 7वां सबसे बड़ा देश है, भारत से बड़े छः देश है रूस, कनाडा, चीन, सं. रा. अमेरिका, ब्राजील एवं आस्ट्रेलिया । (8वाँ बड़ा देश अर्जेण्टीना)

जनसंख्या के दृष्टिकोण से सम्पूर्ण विश्व की 16.7% जनसंख्या के साथ भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश है। जनसंख्या के आधार पर विश्व के 8 बड़े देश हैं चीन, भारत, सं० रा० अमेरिका, इण्डोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं रूस।

भारत की स्थल सीमा की लम्बाई 15,200 कि. मी. है। इसकी मुख्य भूमि की तटीय सीमा की लम्बाई 6100 कि. मी. है। देश की कुल तटीय सीमा की लम्बाई 7516.6 कि. मी. है (द्वीपों सहित) । इस प्रकार भारत की कुल सीमा 15200 + 7516.6 = 22716.6 कि.मी. लम्बी है।

भारत एवं चीन की सीमा को मैकमहोन रेखा कहते हैं। यह रेखा 1914 ई० में शिमला में निर्धारित की गयी थी।

भारत एवं पाकिस्तान के बीच रेडक्लिफ रेखा है, जो 15 अगस्त, 1947 ई० को सर सी० जे० रेडक्लिफ के द्वारा निर्धारित की गई थी।

भारत और अफगानिस्तान के बीच डुरण्ड रेखा है, जो 1896 में सर डुरण्ड द्वारा निर्धारित की गई थी। अब यह रेखा अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के बीच है।

दक्षिण में श्रीलंका भारत से पाक जलसंधि तथा मन्नार की खाड़ी द्वारा अलग होता है। श्रीलंका के बाद भारत का दूसरा निकटतम समुद्री पड़ोसी देश इंडोनेशिया है, जो निकोबार द्वीप समूह के अन्तिम द्वीप ग्रेट निकोबार के दक्षिण में स्थित हैं।

भारत का पड़ोसी देशों के साथ सीमा विस्तार

क्र.सं. भारत का पड़ोसी देश सीमा विस्तार (किलोमीटर में)
1 भारत – बांग्लादेश 4096 किलोमीटर
2 भारत – चीन 3488 किलोमीटर
3 भारत – पाकिस्तान 3323 किलोमीटर
4 भारत – नेपाल 1751 किलोमीटर
5 भारत – म्यांमार 1643 किलोमीटर
6 भारत – भूटान 966 किलोमीटर
7 भारत – अफगानिस्तान 106 किलोमीटर

भारत के अंतिम सीमा बिन्दु

क्र.सं. अन्तिम बिन्दु बिन्दु का नाम
1 दक्षिणतम बिन्दु इदिरा प्वांइट (ग्रेट निकोबार द्वीप)
2 उत्तरम् बिन्दु इंदिरा काल (जम्मू-कश्मीर)
3 पश्चिमी बिन्दु गौर मोता (सरक्रीक) गुजरात
4 पूर्वी बिन्दु किबिथु (वालांगूं) अरुणाचल प्रदेश
5 मुख्य भूमि की दक्षिणतम सीमा कन्याकुमारी (तमिलनाडु)

प्राकृतिक पृष्ठभूमि
भारत के सीमावर्ती देशों में उत्तर पश्चिम में पाकिस्तान और अफगानिस्तान हैं। उत्तर में चीन, नेपाल और भूटान हैं। पूर्व में म्यांमार और पश्चिम बंगाल के पूर्व में बंगलादेश स्थित है। मन्नार की खाड़ी और पाक जलडमरू मध्य भारत को श्रीलंका से अलग करते हैं देश को मुख्यतः छह जोन में बांटा जा सकता है- उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, केंद्रीय तथा उत्तर पूर्व जोन। भारत में 28 राज्य तथा 8 संघ राज्य क्षेत्र हैं।

 

प्राकृतिक संरचना
भारत की भूमि मुख्यता चार भागों में बंटी है- विस्तृत पर्वतीय प्रदेश, सिंधु और गंगा के मैदान, रेगिस्तानी क्षेत्र और दक्षिणी प्रायद्वीप।

हिमालय की तीन श्रृंखलाएं हैं, जो लगभग समानांतर फैली हुई हैं। इसके बीच बड़े-बड़े पठार और घाटियां हैं, इनमें कश्मीर और कुल्लू जैसी कुछ घाटियां उपजाऊ, विस्तृत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं। संसार की सबसे ऊंची चोटियों में से कुछ इन्हीं पर्वत श्रृंखलाओं में हैं। अधिक ऊंचाई के कारण आना-जाना केवल कुछ ही दर्रों से हो पाता है, जिनमें मुख्य है- चुंबी घाटी से होते हुए मुख्य भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग पर जेलप-ला और नाथू-ला दर्रे, उत्तर-पूर्व दार्जिलिंग तथा कल्पा (किन्नौर) के उत्तर-पूर्व में सतलुज घाटी में शिपकी-ला दर्रा । पर्वतीय दीवार लगभग 2,400 किमी की दूरी तक फैलो है, जो 240 कि.मी. से 320 कि.मी. तक चौड़ी है। पूर्व में भारत तथा म्यांमार और भारत एवं बंगलादेश के बीच में पहाड़ी श्रृंखलाओं की ऊंचाई बहुत कम है। लगभग पूर्व से पश्चिम तक फैली हुई गारो, खासी, जैंतिया और नगा पहाड़ियां उत्तर से दक्षिण तक फैली मिज़ो तथा रखाइन पहाड़ियों की श्रृंखला से जा मिलती हैं।

सिंधु और गंगा के मैदान लगभग 2,400 किमी लंबे और 240 से 320 किमी तक चौड़े हैं। ये तीन अलग-अलग नदी प्रणालियों सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र के थालों से बने हैं। ये संसार के विशालतम सपाट कछारी विस्तारों और पृथ्वी पर बने सर्वाधिक घने क्षेत्रों में से एक हैं। दिल्ली में यमुना नदी और बंगाल की खाड़ी के बीच लगभग 1,600 किमी की दूरी में केवल 200 मीटर की ढलान है।

रेगिस्तानी क्षेत्रों को दो भागों में बांटा जा सकता है- विशाल रेगिस्तान और लघु रेगिस्तान। विशाल रेगिस्तान कच्छ के रण के पास से उत्तर की ओर लूनी नदी तक फैला है। राजस्थान-सिंध की पूरी सीमा रेखा इसी रेगिस्तान में है। लघु रेगिस्तान जैसलमेर और जोधपुर के बीच में लूनी नदी से शुरू होकर उत्तरी बंजर भूमि तक फैला हुआ है। इन दोनों रेगिस्तानों के बीच बंजर भूमि क्षेत्र है, जिसमें पथरीली भूमि है। यहां कई स्थानों पर चूने के भंडार हैं।

दक्षिणी प्रायद्वीप का पठार 460 से 1,220 मीटर तक के ऊंचे पर्वत तथा पहाड़ियों की श्रृंखलाओं द्वारा सिंधु और गंगा के मैदानों से पृथक हो जाता है। इसमें प्रमुख हैं- अरावली, विंध्य, सतपुड़ा, मैकाल और अजंता । प्रायद्वीप के एक तरफ पूर्वी घाट है, जहां औसत ऊंचाई 610 मीटर के करीब है और दूसरी तरफ पश्चिमी घाट, जहां यह ऊंचाई साधारणतया 915 से 1,220 मीटर है, कहीं-कहीं यह 2,440 मोटर से अधिक है। पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच समुद्र तट की एक संकरी पट्टी है, जबकि पूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच चौड़ा तटीय क्षेत्र है। पठार का यह दक्षिणी भाग नीलगिरि की पहाड़ियों से बना है, जहां पूर्वी और पश्चिमी घाट मिलते हैं। इसके पार फैली कार्डामम पहाड़ियां पश्चिमी घाट का विस्तार मानी जाती हैं।