9 ways to deal with homesickness

Homesickness-IndianTrends

Homesickness-IndianTrends

घर से दूर रह कर जब घर की याद आती हैं तो ये तरीके बचाएंगे होमसिकनेस से

होमसिकनेस क्या है

होमसिकनेस को 17वीं शताब्दी तक एक बीमारी माना जाता रहा है जिसमें लोग जब घर से दूर जाते हैं तो उन्हें अपने गाँव, शहर, परिवार और दोस्तों की याद सताती है, तब इसे व्यक्ति की भावुकता माना जाता था | कहा जाता है कि जब आप अपनों से दूर जाते हैं तो उनसे जुड़ाव होने की वजह से उनको याद करते हैं | अमरीकी लेखिका सूसन जे. मैट ने अपनी किताब ‘होमसिकनेस: एन अमेरिकन हिस्ट्री’ में लिखा है कि ‘होमसिकनेस’ शब्द 1750 तक चलन में नहीं था | इससे पहले घर की याद आने को बीमारी माना जाता था | अक्सर माना जाता है कि ये दिक़्क़त बच्चों और किशोरों के साथ होती है, बड़े होने के बाद लोगों को यह परेशानी नहीं होती | मगर ऐसा नहीं है, रोजगार या पढाई के सिलसिले में घर से दूर दूसरे शहरों में या विदेशों में रह रहे बहुत से लोगों को इस परेशानी से दो चार होना पड़ता है ये एक तरह का मानसिक तनाव है जो आपकी रोजाना जिंदगी में आये बदलाव की वजह से पैदा होता है |


होमसिकनेस के लक्ष्ण :

जब आप घर से दूर है तो ये तय है कि आप अपने उस परिवेश से बाहर हैं जहाँ आप अपने आपको सुरक्षित महसूस करते थे, ऐसे में आपका मस्तिष्क आपकी भावनाओं के अनुरूप प्रतिक्रिया करता है | हमारे शरीर के भय केंद्र, जिन्हें लिम्बिक सिस्टम कहते हैं, में एमिग्डाला और थेलेमस नामक द्रव्य होते है जो न्यूरो ट्रांसमिशन से मस्तिष्क को खतरे का एहसास करवाते है | ये डर आपको अवसाद और चिंता की खाई में धकेल देता है जो कि होमसिकनेस की शुरुआत है | अनिद्रा, भूख न लगने की समस्या, ध्यान केन्द्रित करने में कठिनाई आदि इसके शुरुआती लक्षण हैं | जब ये समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तो व्यक्ति के तर्क और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती है | अगर ये स्थिति लगातार बनी रहती है तो ये आपके वर्क परफॉरमेंस को प्रभावित करती है

बचाव के उपाय :

होमसिकनेस से बचने के सरल किन्तु कारगर उपायों को जानने के लिए, पढना जारी रखें क्योकि यहाँ हमने कुछ कारगर तरीके सुझाये हैं जो आपकी प्रोफेशनल लाइफ को बेहतर बना सकते हैं |

जब भी आप अकेले होते हैं, तो म्यूजिक से अच्छा दोस्त कोई नहीं है | कोई अच्छा म्यूजिक सुनना आपको उदासी, चिंता, और बेचैनी से दूर कर सकता है | जब मनपसंद म्यूजिक सुनना शुरू करते हैं, तो आपका ध्यान उन तमाम बातों से हट जाता है जो आपको चिंतित करती हैं और थोड़ी देर म्यूजिक सुनने से आप तनाव मुक्त हो जाते हैं | इसलिए जब भी आप खाली हों और अपना ध्यान तनावपूर्ण बातों की तरफ जाता दिखे तो म्यूजिक सुनना शुरू कर दे |

कहते हैं किताबें इन्सान की बहुत अच्छी और सच्ची दोस्त होतीं हैं जो आपका साथ कभी नहीं छोडती और आपको सही दिशा देती हैं | अच्छी किताबें पढ़ना एक ऐसी आदत है जो आपको कभी अकेला नहीं होने देती और आपका ध्यान उन तमाम बातों से हटाने में मददगार होती हैं जो आपको तनाव दे सकती हैं इसलिए तनाव मुक्त रहने के लिए बुक रीडिंग एक सबसे अच्छा और लाभदायक उपाय है | वर्किंग प्रोफेशनल्स अपने प्रोफेशन से जुडी किताबें पढ़ सकते हैं, जो न केवल आपको तनाव मुक्त रखेंगी बल्कि आपके करियर ग्रोथ में भी मदद करेगी |

‘होम सिकनेस’ से निपटने का सबसे अच्छा तरीक़ा यह भी है कि आप वह काम करें, जो आप घर छोड़ने से पहले करते थे | लोग कई चीज़ें मिस करते हैं, किसी को अपना प्यारा डॉगी याद आता है, तो किसी को अपने पुराने यार दोस्त | ऐसे में खुद को अकेला ना छोड़ें | आप चाहे पढाई के लिए घर से दूर हैं या आप एक वर्किंग प्रोफेशनल्स हैं, बहुत जरुरी है कि आप अपने उस माहौल में नए फ्रैंड्स बनाये उनके साथ बाहर घूमने जाएं, नाईट पार्टीस अरेंज करें | इस तरह की आउटिंग से आपका मूड पूरा बदल सकता है | और आपको अपने घर को भूलने में मदद मिलेगी |

अपने कमरे से बाहर निकलें, अंदर बैठे रहना बहुत सुरक्षित और आसान होता है, लेकिन ये आपको नए लोगों से मिलने से, नई चीजें ट्राई करने से और जिंदगी के नए पलों को अनुभव करने से रोकता है | अपने रूम से बाहर जाएं, कैंटीन में बैंठे, लाइब्रेरी जाएं, एक्टीविटीज में हिस्सा लें | अपने दिमाग को दूसरे कामों में व्यस्त करें | इससे आप दूसरे कामों में व्यस्त रहेंगे और आपको घर की याद नहीं आएगी.

जब भी आप खाली हो और आपका ध्यान भटक रहा है या घर की याद सताने लगे तो इनडोर गेम्स खेलना शुरू कर दें | इनडोर गेम्स आपको तनाव मुक्त रहने में मदद करेंगे | सुडोकु, पजल गेम्स ऐसे गेम्स हैं, जो न केवल आपको रिलेक्स रखेंगे बल्कि आपको दिमागी तौर पर मज़बूत भी करेगे | अगर आपके साथ कोई पार्टनर है तो chess, कैरमबोर्ड या लूडो आदि भी खेल सकते हैं | गेम्स में व्यस्त होंगे तो आपका ध्यान उन तमाम बातो की तरफ नहीं जायेगा जो आपको तनाव देती हैं | इसलिए जब भी आप खाली हों तो उस समय इनडोर गेम्स खेलना खुद को तनाव मुक्त रखने का बेहतर उपाय हो सकता है |

यह भले ही बचकानी बात लगे लेकिन घर पर फ़ोन करना बहुत मददगार साबित होता है | कम से कम दिन में एक बार घर पर फोन करें अपने परिवार से सकारात्मक बातें करें | आप जिनको बहुत चाहते हैं, जिन्हें प्यार करते हैं उनकी कुशलता के बारे में जान कर आपके मन को सुकून मिलेगा | इससे आपके अंदर का भय और चिंता कम होगी | भले ही आप हर रोज थोड़ी देर ले लिए बात करें पर तनाव को कम करने का ये बहुत ही कारागर उपाय है

हमेशा positive रहें | जिस पल को भी आप जी रहे हैं, उनकी यादों को संजोते जाइए | किसी भी जगह जाएं, वहां के खानपान को अपनाएं ताकि जब आप उस माहौल से दूर जाएं, वहां की याद सताए, तो उन तजुर्बों की मदद से आप उन यादों को फिर से जी सकें |

1 thought on “9 ways to deal with homesickness

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *