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4 Tips-Relief from Arthritis Pain | 4 सुझाव-गठिया दर्द से राहत

बहुत से लोग जिन्हें गठिया (arthritis) या इससे संबंधित कोई बीमारी है वे लम्बे समय से इस दर्द के साथ जी रहे होंगे। जब यह दर्द तीन से छह महीने या उससे अधिक समय तक रहता है तो इसे पुराना दर्द कहा जा सकता है, लेकिन गठिया का दर्द जीवन भर रह सकता है। यह स्थिर हो सकता है, या आता और जाता रह सकता है। लम्बे समय का दर्द घर की सफाई, कपड़े पहनने या अपने बच्चों की देखभाल करने जैसी दैनिक गतिविधियों को करना मुश्किल बना देता है। हालांकि, पुराने गठिया दर्द को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के तरीके हैं। बेहतर महसूस करने के लिए गठिया के पुराने दर्द का अनुभव करने वाले लोगों द्वारा बताये गये इन सुझावों और युक्तियों का पालन करें।

01. दवाएं समय पर लें

आपके डॉक्टर द्वारा सुझाई गई प्रिस्क्रिप्शन और ओवर-द-काउंटर दवाएं सूजन और दर्द को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। यदि आपको इन दवाओं से किसी तरह का साइड इफेक्ट हैं जो आपको अपनी दवाएं लेने से रोकते हैं, या यदि आपको उनकी लागत वहन करने में परेशानी होती है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। अन्य विकल्प हो सकते हैं।

02. अपना वजन नियंत्रित करें

ज्यादा वजन या मोटापा आपके घुटने के जोड़ों पर अधिक दबाव पैदा करता है और दर्द को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, वसा ऊतक (adipose tissue) रासायनिक संकेत भेजते हैं जो सूजन को बढ़ाता है। अधिक वजन होना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, क्योंकि इससे आपको हृदय रोग, मधुमेह और यहां तक कि कुछ कैंसर होने की संभावना भी बढ़ जाती है। सुनिश्चित करें कि आपके पास भरपूर सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन जैसे बीन्स, पोल्ट्री और मछली के साथ संतुलित आहार है। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (processed food), रेड मीट और शर्करा युक्त पेय से दूर रहें।


03. सक्रिय रहें

वजन को नियंत्रित करने के अलावा, जिम में चलना, वाटर एरोबिक्स या योग जैसी गतिविधियाँ जोड़ों के दर्द को कम करने और लचीलेपन, संतुलन और ताकत में सुधार करने में मदद कर सकती हैं। कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम, जैसे साईकिल चलाना, आपके दिल को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। यदि आप व्यायाम शुरू करना चाहते हैं तो पहले अपने चिकित्सक से बात करें कि आपके लिए सबसे अच्छा क्या हो सकता है। व्यायाम से आप अधिक ऊर्जावान भी महसूस करेंगे और यह आपको बेहतर नींद में मदद कर सकता है।

04. सकारात्मक दृष्टिकोण रखें

पुराने गठिया दर्द का अनुभव रखने वाले बहुत से लोग ये बताते हैं कि एक सकारात्मक दृष्टिकोण दर्द से निपटने की उनकी क्षमता को काफी बढ़ा सकता है। कोशिश करें कि दर्द के आगे झुकें नहीं। अपने दिमाग को इससे दूर रखने के तरीके खोजें। अपने हौसले बुलंद रखने के लिए वो काम करें जो आपको पसंद हों – जैसे कोई शौक या परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना। यदि आपको अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है, तो एक चिकित्सक की तलाश करें या अपने चिकित्सक से पूछें कि कैसे सम्मोहन, ध्यान और श्वास तकनीक आपके दर्द को कम करने में आपकी मदद कर सकती है।

गठिया के लिए मुख्य आहार | The Ultimate Arthritis Diet

गठिया से पीड़ित लोगों द्वारा पूछे जाने वाले सबसे आम प्रश्नों में से एक है, “क्या गठिया के लिए कोई विशेष आहार है?” जबकि गठिया के लिए कोई चमत्कारिक आहार नहीं है, कई खाद्य पदार्थ सूजन से लड़ने और जोड़ों के दर्द और अन्य लक्षणों में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।

शुरुआत के लिए, फल, सब्जियां, मछली, नट्स और बीन्स सहित संपूर्ण खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार, लेकिन कम प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (low processed foods) और संतृप्त वसा (saturated fat), न केवल समग्र स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है, बल्कि रोगों को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है। अगर यह सलाह जानी-पहचानी लगती है, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि ये आभ्यंतरिक आहार के सिद्धांत हैं जिन्हें अक्सर सूजनरोधी और रोग प्रतिरोधक क्षमता लिए जाना जाता है

आभ्यंतरिक आहार | Mediterranean Diet

अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि आमतौर पर आभ्यंतरिक आहार खाने से निम्नलिखित लाभ होते हैं:

  • कम रक्त चाप
  • कैंसर से लेकर स्ट्रोक तक से बचाव करें
  • सूजन को कम करके गठिया में मदद करें
  • अपने जोड़ों के साथ-साथ अपने दिल को भी लाभ पहुंचाएं
  • वजन घटाने में मददगार, जो जोड़ों के दर्द को कम कर सकता है
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फल और सब्जियां
  • मात्रा : प्रतिदिन नौ या अधिक सर्विंग्स का लक्ष्य रखें (एक सर्विंग एक कप अधिकांश सब्जियों या फलों या दो कप कच्चे पत्तेदार साग के बराबर होती है)।
  • क्यों: फल और सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। ये शक्तिशाली रसायन शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली के रूप में कार्य करते हैं, जो अस्थिर अणुओं को ख़त्म करने में मदद करते हैं जिन्हें मुक्त कण कहा जाता है जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। शोध से पता चला है कि चेरी और अन्य लाल और बैंगनी फलों जैसे स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी, ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी में पाए जाने वाले एंथोसायनिन में सूजन-रोधी प्रभाव होता है।
  • अच्छी खबर: खट्टे फल – जैसे संतरे, अंगूर और नीबू – विटामिन सी से भरपूर होते हैं। अनुसंधान से पता चलता है कि विटामिन सी की सही मात्रा लेने से सूजन संबंधी गठिया को रोकने और जोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। अन्य शोध से पता चलता है कि ब्रोकली, पालक, लेट्यूस, केल और गोभी जैसी विटामिन के (vitamin K) से भरपूर सब्जियां खाने से रक्त में सूजन-रोधी प्रभाव बढ़ जाते हैं।
  • सर्वोत्तम स्रोत: फल और सब्जियों का रंग जितना गहरा या अधिक चमकदार होता है, उसमें उतने ही अधिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इनमे ब्लूबेरी, चेरी, पालक, केल और ब्रोकली शामिल हैं।
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सूखे मेवे और बीज
  • मात्रा : रोजाना 1.5 औंस नट्स खाएं (एक औंस एक मुट्ठी भर)
  • क्यों: कई अध्ययन सूजनरोधी आहार में नट्स की भूमिका की पुष्टि करते हैं एक अध्ययन में पाया गया कि 15 साल की अवधि में, जिन पुरुषों और महिलाओं ने सबसे अधिक नट्स का सेवन किया, उनमें सबसे कम नट्स खाने वालों की तुलना में सूजन संबंधी बीमारी रूमेटोइड गठिया (rheumatoid arthritis) से मरने का जोखिम 51% कम था।
  • अच्छी खबर: मेवे सूजन से लड़ने वाले मोनोअनसैचुरेटेड वसा से भरे होते हैं। और हालांकि उनमे वसा और कैलोरी अपेक्षाकृत अधिक होती हैं,लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि नट्स वजन घटाने में बहुत मददगार होते है क्योंकि उनके प्रोटीन, फाइबर और मोनोअनसैचुरेटेड वसा संतृप्त होते हैं। बस ध्यान रखें कि अति किसी भी चीज में अच्छी नहीं होती।
  • सर्वोत्तम स्रोत: अखरोट, पाइन नट्स, पिस्ता और बादाम।
मछली
  • मात्रा : अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स जैसे स्वास्थ्य अधिकारी सप्ताह में दो बार तीन से चार औंस मछली की सलाह देते हैं। गठिया विशेषज्ञों का दावा है कि अधिक बेहतर है।
  • क्यों: कुछ प्रकार की मछलियाँ सूजन से लड़ने वाले ओमेगा -3 फैटी एसिड के अच्छे स्रोत हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने ओमेगा -3 की सबसे अधिक खपत की थी, उनमे गठिये के प्रभावों में कमी पायी गई थी
  • प्रोटीन: हाल ही में शोधों से पता चला है कि मछली के तेल में पाये जाने वाले सी-रिएक्टिव प्रोटीन (C-reactive protein) और इंटरल्यूकिन -6 (interleukin-6) की खुराक लेने से जोड़ों की सूजन और दर्द, सुबह की जकड़न की अवधि और रूमेटोइड गठिया (rheumatoid arthritis) वाले लोगों में रोग नियंत्रण में मदद मिलती है।
  • सर्वोत्तम स्रोत: सैल्मन, टूना, सार्डिन, हेरिंग, एन्कोवी, स्कैलप्स और अन्य ठंडे पानी की मछली। अगर आप मछली नहीं खाते तो इसका पूरक (supplement) ले सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि रोजाना 600 से 1,000 मिलीग्राम मछली का तेल लेने से जोड़ों की अकड़न, दर्द और सूजन कम हो जाती है।
जैतून का तेल
  • मात्रा : रोजाना दो से तीन बड़े चम्मच
  • क्यों: जैतून का तेल हृदय के लिए स्वस्थ वसा के साथ-साथ ओलियोकैंथल (oleocanthal) से भरा होता है, जिसमें नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) के समान गुण होते हैं। ओलेओकैंथल सीओएक्स एंजाइमों की गतिविधि को रोकता है, जिसमें इबुप्रोफेन के समान औषधीय गुण होता है। इन एंजाइमों को रोकना शरीर की सूजन प्रक्रियाओं को कम करता है और दर्द संवेदनशीलता को कम करता है।
  • सर्वोत्तम स्रोत:एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून का तेल कम शोधन और प्रसंस्करण से गुजरता है, इसलिए यह अधिक पोषक तत्वों को बरकरार रखता है। स्वास्थ्य लाभ देने वाला एकमात्र तेल नहीं है। एवोकैडो और कुसुम (safflower) के तेल में कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुण होते हैं, जबकि अखरोट के तेल में जैतून के तेल की तुलना में 10 गुना अधिक ओमेगा -3 होता है।
फलियां
  • मात्रा : रोजाना दो से तीन बड़े चम्मच
  • क्यों: बीन्स फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं, जो सीआरपी को कम करने में मदद करते हैं, जो रक्त में सूजन का एक संकेतक है। उच्च स्तर पर, सीआरपी संक्रमण से लेकर आरए तक कुछ भी इंगित कर सकता है। एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 10 आम बीन किस्मों की पोषक सामग्री का विश्लेषण किया और कई एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी(antioxidant and anti-inflammatory) यौगिकों की पहचान की। बीन्स भी प्रोटीन का एक उत्कृष्ट और सस्ता स्रोत है और इसमें लगभग 15 ग्राम प्रति कप होता है, जो मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
  • सर्वोत्तम स्रोत:छोटे लाल बीन्स, लाल किडनी बीन्स और पिंटो बीन्स, जंगली ब्लूबेरी।
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साबुत अनाज
  • मात्रा : प्रतिदिन कुल छह औंस अनाज खाएं; जिनमें से कम से कम तीन साबुत अनाज से आना चाहिए। साबुत अनाज का एक औंस आधा कटोरी पके हुए ब्राउन राइस या पूरी गेहूं की रोटी के एक टुकड़े के बराबर होगा।
  • क्यों: साबुत अनाज में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है – जो आपको स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद कर सकता है। कुछ अध्ययनों से यह भी पता चला है कि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ सीआरपी के रक्त स्तर को कम कर सकते हैं।
  • सर्वोत्तम स्रोत:साबुत अनाज से बने खाद्य पदार्थ खाएं, जैसे कि साबुत गेहूं का आटा, दलिया, बुलगुर, ब्राउन राइस और क्विनोआ।

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